हर दुआ में बस तुम्हें ही माँगा है रब से,
मोहब्बत से भी कहीं ज़्यादा मोहब्बत है तुमसे।
तुमसे ही हर खुशी मेरी जुड़ती चली जाती है।
करवा चौथ में मैं बस तुझसे ही जुड़ी रहूँ।
तुम वो हक़ीक़त हो जिसे ख़्वाबों में तराशा था,
की तेरे होंठों को चूमने को दिल चाहता है..!!
तुम्हारे नाम से शुरू होती है हर सुबह मेरी,
ऐ शख्स तेरा साथ मुझे हर शक्ल में मंजूर है,
रोमांटिक शायरी इतनी खास क्यों होती है?
होंठों से चुना ही प्यार नहीं दिल Romantic Shayari से चुना सच्चा एहसास है।
तुम्हें अहसास नही तुम क्या हो मेरे लिए,
तुमसे मिलकर जाना मोहब्बत क्या होती है,
तेरे इश्क़ का दरिया जब रूह में समाता है,
तैरना तो आता था मगर डूब जाना अच्छा लगा!